बवासीर (Piles) के प्रकार, लक्षण और कारण

Piles Meaning in Hindi
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परिचय: Introduction

Piles Meaning in Hindi यानी बवासीर एक सामान्य लेकिन असुविधाजनक समस्या है, जो गुदा (Anus) और मलाशय (Rectum) की सूजी हुई नसों के कारण होती है। यह समस्या लंबे समय तक कब्ज, बैठकर काम करने की आदत, या गलत खानपान से उत्पन्न होती है। आज भी कई लोग शर्म या जागरूकता की कमी के कारण इसका इलाज देर से करवाते हैं, जिससे स्थिति गंभीर हो जाती है।

CIMS Hospital, Bhopal में बवासीर का आधुनिक, दर्द-रहित और सुरक्षित इलाज उपलब्ध है — जिसमें जनरल सर्जरी, कीहोल सर्जरी और लेजर सर्जरी जैसी उन्नत तकनीकें शामिल हैं। यह ब्लॉग आपको बताएगा बवासीर के प्रकार, लक्षण, कारण और CIMS Hospital में उपलब्ध उसके प्रभावी उपचार के बारे में।

(Piles Meaning in Hindi) बवासीर के प्रकार (Types of Piles)

बवासीर मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है: आंतरिक (Internal) और बाहरी (External)। इसके अलावा, कुछ अन्य जटिल रूप जैसे प्रोलैप्सड और थ्रोम्बोस्ड पाइल्स भी होते हैं।

आंतरिक बवासीर (Internal Piles)

यह मलाशय के अंदर विकसित होती है और सामान्यतः दिखाई नहीं देती। इन्हें अक्सर खूनी बवासीर कहा जाता है, क्योंकि इनमें मल त्याग के दौरान खून आता है लेकिन दर्द बहुत कम होता है।

  • ग्रेड I: केवल खून आता है, लेकिन बवासीर बाहर नहीं निकलती।
  • ग्रेड II: मल त्याग के दौरान बाहर आती है और खुद वापस चली जाती है।
  • ग्रेड III: बाहर आने के बाद हाथ से अंदर धकेलनी पड़ती है।
  • ग्रेड IV: हमेशा गुदा के बाहर रहती है और वापस नहीं जाती।
बाहरी बवासीर (External Piles)

ये गुदा के आसपास की त्वचा के नीचे बनती हैं, इसलिए आसानी से दिखाई देती हैं। इनमें खुजली, दर्द और सूजन आम लक्षण हैं। इस प्रकार को अक्सर वादी बवासीर कहा जाता है।

प्रोलैप्सड पाइल्स (Prolapsed Piles)

इस स्थिति में बवासीर (आंतरिक या बाहरी) गुदा से बाहर निकल आती है। यह आंतरिक बवासीर का उन्नत रूप होता है।

थ्रोम्बोस्ड पाइल्स (Thrombosed Piles)

यह बाहरी बवासीर का गंभीर प्रकार है, जिसमें नस के अंदर खून का थक्का (Clot) बन जाता है। यह अत्यधिक दर्दनाक होता है और सूजी हुई नीली या बैंगनी गांठ के रूप में दिखता है।

Explainer Video: 'Piles' Meaning in Hindi

बवासीर के लक्षण (Symptoms of Piles in Hindi)

  • रक्तस्राव: मल त्याग के दौरान चमकदार लाल खून आना।
  • खुजली और जलन: गुदा क्षेत्र में लगातार जलन या खुजली रहना।
  • सूजन या गांठ: गुदा के पास कठोर या दर्दनाक गांठ महसूस होना।
  • दर्द और बेचैनी: मल त्याग या लंबे समय तक बैठने पर असुविधा होना।
  • अपूर्ण मलत्याग की भावना: मल त्याग के बाद भी अधूरा महसूस होना।
  • बलगम स्राव: कुछ मामलों में गुदा से बलगम का रिसाव होता है।
  • प्रोलैप्स: मस्सों का बाहर निकल आना, जो बाद में स्वयं अंदर चला जाता है या कभी-कभी बाहर ही रह जाता है।

बवासीर के प्रमुख कारण (Causes of Piles in Hindi)

  1. कब्ज या दस्त: बार-बार कब्ज या दस्त होने से गुदा की नसों पर अत्यधिक दबाव पड़ता है।
  2. लंबे समय तक शौचालय में बैठना: गुदा के आसपास रक्त प्रवाह बढ़ जाता है जिससे सूजन होती है।
  3. शारीरिक गतिविधि की कमी: व्यायाम न करने से रक्त संचार प्रभावित होता है।
  4. मोटापा: अधिक वजन गुदा की नसों पर दबाव बढ़ाता है।
  5. गर्भावस्था: गर्भाशय के दबाव और हार्मोनल बदलावों से बवासीर विकसित हो सकती है।
  6. आहार: कम फाइबर और मसालेदार भोजन बवासीर का प्रमुख कारण है।
  7. भारी वजन उठाना: नियमित रूप से भारी वस्तुएँ उठाने से मलाशय की नसें कमजोर हो जाती हैं।
  8. पारिवारिक प्रवृत्ति: यदि परिवार में किसी को बवासीर रही है, तो संभावना बढ़ जाती है।
Piles Meaning in Hindi
Piles Meaning in Hindi

बवासीर का इलाज (Piles Treatment at CIMS Hospital, Bhopal)

CIMS Hospital, Bhopal में बवासीर के इलाज के लिए आधुनिक और दर्द-रहित सर्जिकल तकनीकें उपलब्ध हैं। मरीज की स्थिति और बवासीर की गंभीरता के अनुसार डॉक्टर निम्न उपचार सुझाते हैं:

सामान्य सर्जरी (General Surgery)

इसमें पारंपरिक तकनीक से बवासीर को हटाया जाता है। यह गंभीर और बड़े आकार की बवासीर के लिए उपयुक्त है। CIMS Hospital में यह प्रक्रिया अनुभवी सर्जनों द्वारा अत्यधिक स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण में की जाती है।

कीहोल सर्जरी (Keyhole Surgery)

यह एक मिनिमली इनवेसिव (कम चीरा वाली) तकनीक है जिसमें छोटे चीरे के माध्यम से विशेष उपकरणों से बवासीर को हटाया जाता है।

इसके फायदे हैं —

  • कम दर्द
  • जल्दी रिकवरी
  • अस्पताल में कम समय रहना
लेजर सर्जरी (Laser Surgery)

आज के समय में Laser Piles Surgery सबसे उन्नत और लोकप्रिय उपचार है। इसमें लेजर बीम से बवासीर की सूजी हुई नसों को सिकोड़कर नष्ट किया जाता है।

फायदे:

  • बिना टांके की सर्जरी
  • अत्यंत कम दर्द
  • 24 घंटे में घर वापसी संभव
  • दोबारा होने की संभावना बहुत कम

CIMS Hospital, Bhopal मध्य भारत में लेजर सर्जरी के लिए जाना जाता है, जहाँ आधुनिक तकनीक और अनुभवी सर्जन मरीजों को आरामदायक उपचार प्रदान करते हैं।

निष्कर्ष: Piles Meaning in Hindi

Piles Meaning in Hindi समझने के बाद यह स्पष्ट होता है कि यह एक आम लेकिन इलाज योग्य समस्या है। सही समय पर निदान और आधुनिक उपचार से बवासीर पूरी तरह ठीक हो सकती है। CIMS Hospital, Bhopal बवासीर, फिशर और फिस्टुला जैसी समस्याओं के लिए जनरल सर्जरी, कीहोल सर्जरी और लेजर सर्जरी में विशेषज्ञता रखता है।

यदि आप या आपके किसी परिचित को बवासीर के लक्षण महसूस हो रहे हैं — तो देर न करें। CIMS Hospital, Bhopal से संपर्क करें और पाएं दर्द-रहित, सुरक्षित और आधुनिक इलाज — जहाँ हर मरीज को मिलता है आराम, आत्मविश्वास और स्वस्थ जीवन का भरोसा। (Piles Meaning in Hindi)

CIMS Hospital, Bhopal
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